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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
एखादी व्यक्ती कवी आहे; म्हणजे आयुष्यातील प्रत्येक क्षण ती कवितेतच जगते असे नाही, तर प्रतिभेचा झटका यावा आणि कविता लेखनाला प्रारंभ करावा, हा प्रारंभ रात्री अपरात्री, सकाळ, दुपार, सायंकाळी केव्हावी कुठेही असू शकतो किंवा होऊ शकतो. एकतानतेमधून निर्माण झालेला हा प्रारंभ कवितेच्या निर्मितीची अस्सलपणाची नांदीच दर्शवित असतो. कविता प्रारंभ होते तो क्षण ते कविता समारोपाचा क्षण येथपर्यंतच प्रत्येक कवी हा कवी असतो. नंतर त्याची कविता ही त्याची न राहता लोकांची बनून जाते; ज्यावेळी रसिक वाचकांच्याच अनुभवाचं, स्पंदनांचं आणि जीवनाशयाचं संगीत बनून जाते!