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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
1. वित्तीय बाजारपेठेचा परिचय – भारतीय वित्तीय प्रणाली……………….7
1.1 वित्तीय प्रणाली – कार्ये – वित्तीय बाजारपेठा
1.2 प्राथमिक आणि दुय्यम बाजारपेठ –
दुय्यम बाजारातील प्रमुख खेळाडू आणि साधने
1.3 समभाग बाजाराचे कामकाज, राष्ट्रीय समभाग बाजार
(नॅशनल स्टॉक एक्सचेंज) आणि मुंबई समभाग बाजार
(बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) मधील व्यापार आणि
निपटारा प्रक्रिया
1.4 वित्तीय बाजारपेठांवर धोरणांचा परिणाम –
रिझर्व बँकेचे पत धोरण, फेड (Fed) धोरण –
महागाई निर्देशांक, सीपीआय
2. प्राथमिक भांडवल बाजार…………………………………………44
2.1 नवीन निर्गम बाजार (न्यू इश्यू मार्केट)
2.2 निर्गमांचे (इश्यूचे) प्रकार – खाजगी नियुक्ती (PP),
पात्र संस्थात्मक नियुक्ती (QIP)
2.3 निर्गुंतवणूक
2.4 जारी (इश्यू) करण्याची प्रक्रिया
2.5 मार्गदर्शक तत्त्वे – भांडवली बाजार
2.6 दुय्यम बाजार – समभाग बाजार क्रियाप्रक्रिया
(स्टॉक मार्केट ऑपरेशन्स) – भारतीय कर्ज बाजार
3. मुद्रा बाजाराची रचना (मनी मार्केट स्ट्रक्चर)………………………..70
3.1 संघटित आणि असंघटित बाजार
3.2 मागणीदेय मुद्रा बाजार (कॉल मनी मार्केट),
हुंडी बाजार (बिल्स मार्केट)
3.3 सरकारी रोख्यांसाठी बाजार6 | प्रशांत पब्लिकेशन्स
3.4 मुद्रा बाजाराची साधने: कोषागार हुंडी (ट्रेझरी बिल्स),
पुनर्खरेदी करार (रेपो) आणि रिव्हर्स रेपो, व्यापारी हुंडी
(कमर्शियल बिल्स), व्यापारी पतपत्र (कमर्शियल पेपर्स),
ठेव प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉझिट)
3.5 मुद्रा बाजारात व्यापारी बँकेची भूमिका
4. वस्तू बाजार……………………………………………………101
4.1 वस्तू बाजाराची भूमिका
4.2 भारतातील वस्तू बाजार
4.3 वस्तूंमध्ये अवलंबन व्यवहारांचा वापर
4.4 जागतिक वस्तूंची देवाणघेवाण
5. इतर साधने / सेवा……………………………………………..112
5.1 क्रेडिट कार्ड
5.2 हुंडी सवलत
5.3 लेखाश्रय
5.4 जप्ती
5.5 ग्राहक वित्तपुरवठा
5.6 उलट तारण सेवा
5.7 अंतरिम वित्तपुरवठा
5.8 प्रोत्साहक वित्तपुरवठा – उद्यम भांडवल व खासगी भांडवल
6. जागतिक आर्थिक बाजारपेठेचा परिचय………………………….134
6.1 देशाच्या आर्थिक विकासात आर्थिक बाजारपेठेची भूमिका
6.2 आर्थिक बाजारातील घटक (देशांतर्गत आणि जागतिक)
6.3 भारतीय आर्थिक बाजारपेठेची स्थिती
6.4 जागतिक बाजारातील भांडवली समस्या –
ADR, GDR, EDRs
6.5 जागतिक बाजारातील कर्ज समस्या
संदर्भ ग्रंथसूची………………………………………………………157