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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
गुरू द्रोणाचार्य सिरीज
कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ, जळगाव
नवीन सेमिस्टर पॅटर्न अभ्यासक्रमानुसार नोटस् (CBCS Pattern)
F.Y.B.A. | Sem. 1 | MARATHI (DSC)
घटक विश्लेषणः
1. वाङ्मय आणि वाङ्मयप्रकार
1.1 वाङ्मय म्हणजे काय?, वाङ्मयप्रकाराची संकल्पना
1.2 प्रमुख वाङ्मय प्रकारः गद्य आणि पद्य
1.2.1 व्यक्तिचित्र, वैचारिक लेख, एकांकिका, आत्मचरित्र आणि कथा या आधुनिक गद्य वाङ्मयप्रकारांच्या स्वरुपाचा परिचय.
1.2.2 वृत्तबद्ध रचना (पादाकुलक वृत्त), रुबाई, मुक्तछंद, अभंग आणि दीर्घ कविता या आधुनिक पद्य वाङ्मयप्रकारांच्या स्वरुपाचा परिचय.
2. ‘खान्देश रत्नावली’ या पुस्तकातील खालील गद्यलेखनाचा अभ्यास
2.1 व्यक्तिचित्र – परिनिवृत्त ‘विद्याभास्कर’ मणिशंकर उपाध्याय, शरद पाटील
2.2 वैचारिक लेख – ‘शिक्का उमटत नाही!’, पुरुषोत्तम पाटील
2.3 एकांकिका – ‘बे दाही शून्य’, अनिल सोनार
2.4 आत्मचरित्र – ‘जर का तू नापास झाया…!’, राजेश पाटील
2.5 कथा – ‘दप्तर’, राहुल निकम
3. ‘खान्देश रत्नावली’ या पुस्तकातील खालील पद्यलेखनाचा अभ्यास
3.1 वृत्तबद्ध रचना – ‘फुलराणी’ (पादाकुलक वृत्त), बालकवी
3.2 रुबाई – ‘मी जीवन शोधित फिरलो’, राजा महाजन
3.3 मुक्तछंद – ‘पांभरी सज्ज ठेवू या’, उत्तम कोळगावकर
3.4 अभंग – ‘सावळा’, बी. एन. चौधरी
3.5 दीर्घ कविता-‘बायकांवरील पुस्तकांच्या जाहिराती वाचताना’, मीनाक्षी पाटील