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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
विकास व जीवनाची सुरुवात : 1.1 वैकासिक मानसशास्त्र : व्याख्या अर्थ स्वरुप व संधी वैकासिक संकल्पना, निसर्ग आणि शिक्षण (नेर्चर), 1.2 जीवनाची सुरुवात कशी होते?, ळ. जिन्स आणि अनुवंश, ळळ. जन्मपुर्व विकास अवस्थेचे टप्पे व धोके, 1.3 जन्म आणि जन्मसंबधी अडचणी, 1.4 जन्मोत्तर विकास, ळ. जन्मोत्तर समायोजन, ळळ. अडचणी
शैशवावस्था : 2.1 शैशवावस्थेतील शारीरिक विकास, र) शारीरिक वाढ, ल) सांवेदनिक विकास, ल) कारक विकास, 2.2 पियाजे यांच्या बोधात्मक विकासाचा सिद्धांत, 2.3 भाषिक विकास भाषिक विकासाची मुळे, 2.4 बाल्यावस्थेतील आहाराचे महत्व
पुर्व बाल्यावस्था : 3.1 शारिरीक विकास, र) शारिरीक बदल, मेंदुचा विकास, ल) आरोग्य आणि आजार, 3.2 पियाजे यांचा बोधात्मक विकास सिद्धांत पुर्व संक्रियात्मक अवस्था, 3.3 पुर्व बाल्यावस्थेतील सामाजिक व व्यक्तिमत्व विकास, र) स्व ची जाणीव, ल) मैत्रिचा विकास, 3.4 कौटुंबिक विकास आणि परिणामकारक पालकत्व
मध्यम बाल्यावस्था : 4.1 शारिरीक व कारक विकास, 4.2 बोधात्मक विकास, 4.3 सामाजिक विकास, र) मैत्रिचा विकास, 4.4 शालेय मुलांच्या समस्या, र) वेदनिक अक्षमता, ल) अध्ययन अक्षमता
किशोरवस्था : 5.1 शारिरीक विकास व परिपक्वता, 5.2 किशोरावस्थेतील धोके, र) लिंग बदलाची विकृती, ल) आम्लीपदार्थ आसक्ती, 5.3 स्व-ओळख, र) स्व विकास, ल) मार्शिया यांचा ‘स्व’ ओळख विकास सिद्धांत, 5.4 नातेसंबंध, र) कुटंब, ल) मित्र
पुर्व प्रौढावस्था : 6.1 काम आणि व्यवसाय (करियर), 6.2 जीवनातील आव्हानाशी सामना, र) ताण व ताणाशी लढा, 6.3 विवाह आणि इतर संबंधाची निवड, 6.4 बोधात्मक विकास, र) पेरी यांचा सिद्धांत, ल) शाइ यांचा बोधात्मक विकास अवस्था सिध्दांत
मध्यम प्रौढावस्था : 7.1 शारिरीक विकास आणि आरोग्य, र) लिंग भिन्नतेनुसार शारिरीक बदल, ल) आरोग्याची काळजी, 7.2 बोधात्मक विकास, 7.3 नातेसंबंध-विवाह, घटस्फोट, पुर्नविवाह, 7.4 ताण
उत्तर प्रौढावस्था (वृध्दावस्था) : 8.1 शारिरीक र्हास संक्रमण, र) वार्धक्याची चिन्हे, ल) मंद प्रतिक्रिया, ल) वेदनिक र्हास, 8.2 आरोग्य आणि निरोगीकता, र) शारिरीक समस्या, ल) मानसशास्त्रीय समस्या, 8.3 वार्धक्यातील दैनंदिन जीवन-निवृतीशी समायोजन, 8.4 मरणोन्मुख प्रक्रिया