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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
Banking ani Vitta
भारतीय बँकव्यवस्थेची संरचना : 1.1 भारतीय बँकव्यवस्थेची उत्क्रांती, 1.2 भारतीय बँकव्यवस्थेची रचना, 1.3 आर्थिक विकासात बँकव्यवस्थेची भूमिका, 1.4 अनुसूचित व बिगर अनुसूचित बँका, 1.5 भारतातील बँकव्यवस्थेसमोरील आव्हाने, 1.6 कोरोना (Covid-19) चे भारतीय बँकिंगक्षेत्रावरील परिणाम
मध्यवर्ती बँक व्यवसाय : 2.1 मध्यवर्ती बँक व्यवसाय – व्याख्या, 2.2 भारतीय रिझर्व्ह बँकेची उत्क्रांती, 2.3 भारतीय रिझर्व्ह बँकेची कार्ये, 2.4 भारतातील सध्याची चलन व्यवस्था, 2.5 बँक दर, रोख राखीव प्रमाण, वैधानिक रोखता प्रमाण, रेपो दर, रिव्हर्स रेपो दर. या संकल्पना समजून घेणे.
खाजगी बँक व्यवसाय : 3.1 खाजगी बँक व्यवसाय अर्थ आणि वैशिष्ट्ये, 3.2 खाजगी बँक व्यवसायाचे वर्गीकरण-भारतातील खाजगी बँका-जुन्या आणि नवीन खाजगी बँका, परकीय बँका, 3.3 आर्थिक विकासात खाजगी बँक व्यवसायाची भूमिका, 3.4 भारतातील खाजगी बँकांची कामगिरी, 3.5 भारतातील खाजगी क्षेत्रातील बँकासमोरील आव्हाने.
सार्वजनिक क्षेत्रातील बँक व्यवसाय : 4.1 सार्वजनिक क्षेत्रातील बँक : व्याख्या आणि वैशिष्ट्ये, 4.2 सार्वजनिक क्षेत्रातील बँकांचे वर्गीकरण – 4.2.1 स्टेट बँक ऑफ इंडिया : उत्क्रांती, कार्ये व कामगिरी, 4.2.2 राष्ट्रीयीकृत बँका : सामाजिक नियंत्रण, राष्ट्रीयीकरणाचा अर्थ, राष्ट्रीयीकरणाच्या बाजूचे व विरोधी युक्तिवाद, संलग्न बँकांचे विलीनीकरण, 4.2.3 प्रादेशिक ग्रामीण बँका : उद्दिष्टे, कार्ये, भांडवल, प्रादेशिक ग्रामीण बँकांच्या समस्या, 4.2.4 अग्रणी बँक योजना, 4.3 सार्वजनिक क्षेत्रातील बँकांपुढील आव्हाने
भारतातील सहकारी बँका : 5.1 सहकाराची तत्वे, 5.2 भारतातील सहकारी बँकांची उत्क्रांती, 5.3 सहकारी बँकांची आर्थिक विकासातील भूमिका, 5.4 सहकारी बँकांच्या विकासातील महत्त्वाचे आव्हाने
भारतातील विकास बँका : 6.1 विकास बँक : अर्थ, 6.2 भारतातील विकास बँकांची कार्ये, 6.3 भारतातील विकास बँकांची आर्थिक विकासातील भूमिका, 6.4 भारतातील विकास बँकांसमोरील आव्हाने
निवडक महत्त्वपूर्ण बँक व्यवसाय संकल्पना : 7.1 मध्यवर्ती बँक व्यवसाय, 7.2 व्यापारी बँक व्यवसाय, 7.3 शाखा बँक व्यवसाय, 7.4 एकावयवी (घटक) बँक व्यवसाय, 7.5 घाऊक बँक व्यवसाय, 7.6 किरकोळ बँक व्यवसाय, 7.7 सामाजिक बँक व्यवसाय, 7.8 इस्लामिक बँक व्यवसाय, 7.9 मर्चन्ट बँकिंग, 7.10 डिजिटल बँकिंग
निवडक महत्त्वपूर्ण बँक व्यवसाय संकल्पना : 8.1 ऐतिहासिक दृष्टिकोन : अर्थ आणि बँकिंगक्षेत्र सुधारणेची उद्दिष्ट्ये, 8.2 बँकव्यवसाय सुधारणेचे उपाय : 8.2.1 रोख राखीव निधी प्रमाण (CRR) आणि वैधानिक तरलता प्रमाण (SLR), 8.2.2 विवेकी/दुरदर्शीपणाचे निकष (NPA), 8.2.3 भांडवल पर्याप्तता निकष (CAN), 8.2.4 पतठेव प्रमाण (C.D Ratio), 8.3 बँकिंग पर्यवेक्षणावरील बेसल समिती (BCBS), 8.3.1 बेसल 1, 8.3.2 बेसल 2, 8.3.3 बेसल 3 , 8.3.4 बेसल 4, 8.4 एम नरसिंहम् समिती : 1991 च्या शिफारशी , 8.5 एम नरसिंहम् समिती : 1998 च्या शिफारशी