Prashant Publications

लोकसाहित्य विमर्श

Authors: 

Tag: ISBN: 9789382414544

ISBN:

SKU: 9789382414544
Category: Tag: ISBN: 9789382414544
Category:

Rs.150.00

  • DESCRIPTION
  • INDEX

बोलीभाषाएँ लोकजीवन के लोकमानस का संचित रुप है। बोलीभाषाओंका साहित्य लोकसमुदायमें अनुभूतियोंका प्रतिबिम्ब है। भारत में विभिन्न बोलीभाषाएँ बोली जाती है। उनमें खानदेश की अहिराणी बोली का स्वतंत्र रुप है। अहिराणी अतिप्राचीन बोली है। उसके संदर्भ में इ.स. पूर्व 250 वर्ष पहले मिलते है। मागधी, सौराष्ट्री, शौरसेनी, पैशाची प्राकृत आदि प्राचीन भारतीय भाषाोंसे अहिरानी का उद्भव के प्रमाण तत्कालीन, शिलालेखों, ताम्रप्रटोंमें मिलता है।

अभिरोंकी या अहिरों की अहिराणी बोली भाषा है। अभीरोंका उल्लेख महाभारत में मिलता है। चौथी शति में नासिक खानदेश प्रदेशपर अभिरोंका राज्य था। इसका प्रमाण मिलता है। सदियों से महाराष्ट्र में मराठी, कोकणी, कानडी, फारसी, अरबी, वर्‍हाडी, हिन्दी, अंग्रजी, आदि भाषाओं के संपर्कमें आनेपर भी अहिराणी का मौलिक-मौखिक रुप आज भी सुरक्षित है। प्रस्तुत पुस्तक में विस्तारपूर्वक अहिराणी लोकसाहित्य का परिचय पाठकको हो सकता है। अहिराणी बोली भाषा के अध्ययन-अध्यापन कर्ताओंके लिए ये पुस्तक उपयुक्त सिद्ध होगी।

Loksahitya Vimarsha

  1. लोकसाहित्य का स्वरूप : लोकशब्द की व्याख्या, लोकसाहित्य की परंपरा, लोकसाहित्य की परिभाषा, लोकसाहित्य के आधारभूत तत्व, लोकसाहित्य का वर्गगत विश्लेषण
  2. अहिराणी बोली भाषा का परिचय : अहिराणी का उद्भव, अहिराणी का स्थान, आर्यभाषाओंमें अहिराणी का महत्व, अहिराणी और अभिरोंका संबंध, अभिर और अहिराणी बोली, अहिराणी बोली तथा खानदेशी बोली का अंतर
  3. लोककथा : लोककथा, लोककथा की परिभाषा, लोककथाओंका वर्गीकरण, धार्मिक कथाऍ, पौराणिक कथाएँ, ऐतिहासिक कथाएँ, अलौकिक कथाएँ, पशुपक्षीसंबंधी कथाएँ
  4. लोकगाथा : लोकगाथा की परिभाषा, लोकगाथाओंकी उत्पत्ति और सिध्दांत, लोकगाथाओंकी विशेषताएँ, अहिराणी लोकगाथाओंका वर्गीकरण
  5. लोकगीत : पहला लोकगीत, लोकगीतों की उत्पत्ति, अहिराणी लोकगीतोके प्रकार, विवाहगीत, सटीगीत, त्योहारगीत, कानबाई गीत, धार्मिक गीत, खेतीसंबंधी गीत, ऋतुसंबंधी गीत, आटाचक्की के गीत
  6. लोकनाट्य : लोकनाट्य परिभाषा, अहिराणी लोकनाट्य, तमाशा फड, लावणी, लोकनाट्य के तत्व, पात्र कथ्य संवाद, संगीत, रस, नृत्य, अभिनय
  7. आटाचक्की के गीत (दोहे) – स्त्री मन का मंच : (घट्यावरला गाणा) ओवी गीतोंका वर्गीकरण, पारिवारिक गीत, सामाजिक गीत, पौराणिक गीत, अन्य स्फूट गीत
  8. अहिराणी का प्रकीर्ण साहित्य : लोकोक्तियाँ (कहावते), मुहावरें, पहेलियाँ

Author

RELATED PRODUCTS
लोकसाहित्य विमर्श
You're viewing: लोकसाहित्य विमर्श Rs.150.00
Add to cart
Prashant Publications
Shopping cart close