{"product_id":"सृजनात्मक-लेखन-एवं-कौशल-विकास","title":"सृजनात्मक लेखन एवं कौशल विकास","description":"\u003cp\u003eइस पुस्तक का उद्देश्य केवल सृजनात्मक लेखन-कौशल का परिचय देना नहीं है, बल्कि पाठकों के भीतर निहित रचनात्मक प्रतिभा को जागृत करना, उनकी अभिव्यक्ति को सशक्त बनाना तथा उन्हें आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विविध कौशलों से समृद्ध करना है| परिवर्तित शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘सृजनात्मक लेखन एवं कौशल विकास’ पुस्तक का लेखन किया गया है| यह पुस्तक केवल भाषा और साहित्य के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों में सृजनात्मक चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टि, संप्रेषण दक्षता, अभिव्यक्ति कौशल, समस्या-समाधान, क्षमता, नवाचार, नेतृत्व, सहयोगात्मक अधिगम तथा जीवनोपयोगी कौशलों के विकास का एक अल्प प्रयासभर है| हमारा विश्वास है कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह व्यक्ति को आत्मविश्वासी, संवेदनशील, नैतिक तथा सामाजिक रूप से उत्तरदायी बनाते हुए उसे जीवन और रोजगार दोनों के लिए सक्षम बनाए|\u003cbr\u003eसृजनात्मक लेखन मनुष्य की कल्पनाशीलता, अनुभव, संवेदना और बौद्धिक क्षमता का सशक्त माध्यम है| यह केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति की विधा नहीं, बल्कि स्वतंत्र चिंतन, मौलिकता, तार्किकता तथा सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करने की रचनात्मक प्रक्रिया है| पुस्तक में सृजनात्मक लेखन का अर्थ, स्वरूप, उसकी प्रकृति, विशेषताएँ, विभिन्न विधाएँ, भाषा की भूमिका, अभिव्यक्ति की तकनीक, लेखन प्रक्रिया आदि को सरल एवं सुबोध रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है| इसमें भाषा संवर्धन, डिजिटल लेखन, सोशल मीडिया लेखन और स्वरोजगार के अवसर इन विषयों पर भी चर्चा की है| क्योंकि आज लेखक को मात्र ‘लिखना’ नहीं तो ‘बाजार’ भी समझना होगा| हमें लगता है कि यह पुस्तक छात्र के भीतर के ‘लेखक’ को आवाज जरुर देगी| हम छात्रों से अनुरोध करते हैं कि पुस्तक पढ़कर कलम उठाएं और लिखें| क्योंकि लेखन तैरने की तरह है| पुस्तकें पढ़कर तैरना नहीं सीखा जाता, पानी में उतरना पड़ता है|\u003cbr\u003eयह पुस्तक कल्पना को कौशल से और संवेदना को अभिव्यक्ति से जोड़ने वाला सेतु बन सकती है| इसमें सृजनात्मक लेखन का अर्थ, स्वरूप, महत्त्व और प्रमुख तत्त्वों- कल्पना, संवेदना, अनुभव का विवेचन किया गया है| कविता, गीत, कहानी, लघुकथा, उपन्यास, नाटक, एकांकी, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत, रिपोर्ताज, डायरी आदि सभी प्रमुख विधाओं का स्वरूप, विशेषताएँ और लेखन-कौशल उदाहरण सहित बताया गया है| साथ ही प्रायोगिक कार्य की भी चर्चा है| रोजगारपरक कौशलों के साथ आज का छात्र लेखक बने, कंटेंट राइटर, ब्लॉगिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्ट राइटर भी बन सके इसका भी ध्यान रखने का प्रयास किया गया है| हम समझते हैं कि ‘सृजनात्मक लेखन एवं कौशल विकास’ केवल एक पुस्तक नहीं, यह एक कार्यशाला है, जो छात्र को ‘पाठक से’ ‘स्रष्टा’-‘सृजक’ बनाने का प्रयास करती है| अंत में यही कहना चाहेंगे- अनुभव कच्चा माल है, संवेदना उसे रंगती है और सृजनात्मक कौशल उसे आकार देता है| यदि यह पुस्तक एक भी छात्र को लिखने के लिए प्रेरित कर सकी, तो हमारे श्रम की सार्थकता होगी|\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Prashant Publication","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52129713258725,"sku":null,"price":235.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0802\/8563\/0693\/files\/Srujnatmaklekhanavamkaushalvikas_chavan_kamble-1.jpg?v=1787222415","url":"https:\/\/prashantpublications.com\/products\/%e0%a4%b8%e0%a5%83%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%b6%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8","provider":"My Store","version":"1.0","type":"link"}