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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
कविता : संकल्पना, स्वरूप व वैशिष्ट्य
कवितेचे घटक
कवितेचे प्रकार
मराठी कवितेची वाटचाल
खानदेशातील काव्यलेखन
अशोक निळकंठ सोनवणे यांच्या कवितांची समीक्षा : बाप, फुंकर, गोवर्या, परिस्थितीच्या दुसेरीखाली, गळती, वाटणी.
पांडुरंग कौतिक सुतार यांच्या कवितांची समीक्षा : दुष्काळ : एक आलेख, गुण्यागोविंदाने, मी कबूल करतो की, बैलगाडी, एखादे राष्ट्र बेचिराख होत असतांना, आता उजाडलय वाटतं
संजीवकुमार अभिमन्यु सोनवणे यांच्या कवितांची समीक्षा : माय, भाकरीचा प्रश्न, माझ्या घराचे दार, सुरुंग, वस्ती आणि मोहल्ला, पोरं
चामुलाल राठवा यांच्या कवितांची समीक्षा ते आमची सेवा करतात : आदिवासी, त्यांनी मला दोन हात लांब ठेवले आहे, एक प्रश्न, माझी सनद कुठे आहे?, शरमेलाही शरम येते
रावसाहेब अंकुश कुवर यांच्या कवितांची समीक्षा : माय काहीच बोलू शकली नाही, तग, बापाला शहरात करमत नाही, जगायला पाहीजे, बाप, बैल आणि मी, गाव जगू देत नाही, शहर तगू देत नाही