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प्रस्तुत पुस्तक में ट्वेल्थ फेल का अध्ययन केवल इसकी कथावस्तु तक सीमित न रखकर इसके विभिन्न साहित्यिक एवं वैचारिक पक्षों को समझने का प्रयास किया गया है| उपन्यास की कथावस्तु,...

  • Name : ट्वेल्थ फेल : असफलता से सफलता तक (Twelth Fail_Asaflta se Safalta tak_ Balasaheb Sonawane)
  • Vendor : Prashant Publication
  • Type : Hindi
  • Manufacturing : September 2026
  • Total Pages : 112 Pages
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ट्वेल्थ फेल : असफलता से सफलता तक (Twelth Fail_Asaflta se Safalta tak_ Balasaheb Sonawane)
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प्रस्तुत पुस्तक में ट्वेल्थ फेल का अध्ययन केवल इसकी कथावस्तु तक सीमित न रखकर इसके विभिन्न साहित्यिक एवं वैचारिक पक्षों को समझने का प्रयास किया गया है| उपन्यास की कथावस्तु, कथ्य, पात्र एवं चरित्र-चित्रण, देश-काल एवं वातावरण, संवाद, भाषा-शैली, दृष्टिकोण एवं शिल्प, उद्देश्य, शीर्षक की सार्थकता, नायक की संघर्ष चेतना, मूल संवेदना तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता का क्रमबद्ध विवेचन किया गया है| विशेष रूप से मनोज और श्रद्धा जैसे प्रमुख पात्रों के माध्यम से उपन्यास में व्यक्ति के संघर्ष और मानवीय संबंधों के विविध पक्षों को समझने का प्रयास किया गया है|आज के समय में विद्यार्थी और युवा वर्ग शिक्षा तथा प्रतियोगिता के अत्यधिक दबाव से गुजर रहा है| सफलता की सामाजिक अपेक्षा और असफलता का भय अनेक युवाओं के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है| ऐसे समय में ट्वेल्थ फेल जैसी रचना यह विश्वास उत्पन्न करती है कि असफलता जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर हो सकती है| मनोज की संघर्ष-यात्रा यह संदेश देती है कि परिस्थितियाँ मनुष्य की राह को कठिन बना सकती हैं, लेकिन उसके संकल्प और निरंतर प्रयास को समाप्त नहीं कर सकती|अध्ययन का उद्देश्य इसी दृष्टि से ट्वेल्थ फेल के साहित्यिक, सामाजिक और मानवीय पक्षों को सामने लाना है| यह कृति व्यक्तिगत सफलता की कहानी होने के साथ-साथ उन युवाओं की सामूहिक आकांक्षा की अभिव्यक्ति भी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जीवन को बेहतर बनाने का स्वप्न देखते हैं| 
अंततः यह कहा जा सकता है कि ट्वेल्थ फेल की मूल चेतना “असफलता से सफलता की तक” बढ़ने की चेतना है और यही इसकी सबसे बड़ी प्रेरणात्मक तथा साहित्यिक विशेषता है| उपन्यासकार अनुराग पाठक ने वर्तमान युवा पीढ़ी की मानसिकता को मध्य नजर रखते हुए प्रेरणादायक कथा की रचना ट्वेल्थ फेल उपन्यास में की है| यह उपन्यास आज का एक चर्चित उपन्यास है| प्रस्तुत उपन्यास की चर्चा ही इस पुस्तक का उद्देश्य है| 

1. उपन्यास, अर्थ, स्वरुप एवं परिभाषा................................7

2. उपन्यास विधा का विकास........................................13

3. उपन्यास के तत्त्व ः अर्थ एवं स्वरुप................................39

4. उपन्यासकार अनुरराग पाठक व्यक्तित्त्व एवं कृतित्त्व.................51

5. ट्वेल्थ फेल उपन्यास की कथावस्तु................................56

6. ट्वेल्थ फेल उपन्यास, पात्र एवं चरित्र चित्रण......................62

7. देश, काल और वातावरण.........................................72

8. संवाद योजना.....................................................76

9. भाषाशैली.........................................................80

10. उद्देश्य.............................................................83

11. शीर्षक की सार्थकता..............................................87

12. ट्वेल्थ फेल उपन्यास का कथ्य....................................90

13. नायक की संघर्ष चेतना............................................93

14. ट्वेल्थ फेल उपन्यास की प्रासंगिकता .............................96

15. ट्वेल्थ फेल उपन्यास की मूल संवेदना ............................99

16. ट्वेल्थ फेल उपन्यास : असफलता से सफलता तक...............102

© आधार ग्रंथ सूची..................................................112

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