लोकवार्ता, लोकसंस्कृति एवं लोकसाहित्य : लोक और लोकवार्ता, ङ्गलोकफ शब्द की उत्पत्ति, व्याख्या, लोकवार्ता के प्रकार, लोकसंस्कृति की अवधारणा, साहित्य और लोक का संबंध, साहित्य का अर्थ आदि । लोकसाहित्य का अन्य सामाजिक विज्ञानों से संबंध, लोकसाहित्य की परिभाषाएँ, लोकसाहित्य के अध्ययन की समस्याऐं ।
भारत में लोकसाहित्य अध्ययन का इतिहास : लोकसाहित्य के प्रमुख रूपों का वर्गीकरण, लोकसाहित्य तालिका, लोकगीतः परिभाषाऐं, निर्माण तत्व, लोकगीतों की विशेताऐं, लोकगीतों का वर्गीकरण, प्रमुख प्रकार ।
लोकनाट्य : लोकनाट्य का स्वरूप, परिभाषाऐं, लोकनाट्य की परंपरा एवं प्रविधि, बनजारा लोकनाट्य के विविध रूप, हिन्दी नाटक एवं रंगमंच पर लोकनाट्यों का प्रभाव, लोकनाट्य की विशेषताऐं, अहिराणी लोकनाट्य की लोकप्रियता ।
लोककथा : लोककथा का स्वरूप तथा परिभाषाऐं, उत्पत्ति विषयक सिध्दान्त, लोककथाओं का वर्गीकरण, व्रतकथा, परीकथा, नागकथा, कथारूढियाँ, अंधविश्वास की लोकथाऐं सोदाहरण प्रस्तुत ।
लोकभाषा : लोकोक्ति साहित्य : लोकभाषा का स्वरूप, प्रकीर्ण लोकसाहित्य की विधाऐं, लोकोक्तियाँ या कहावतों की परंपराऐं एवं परिभाषाऐं, लोकोक्तियों की विशेषताऐं तथा वर्गीकरण, मुहावरे तथा उनका वर्गीकरण, लोकसूक्तियाँ, पहेलियाँ आदि।
लोकनृत्य एवं लोकसंगीत : लोकनृत्य का उद्गम, लोकनृत्यों के नामकरण, लोकनृत्यों का वर्गीकरण सोदाहरण, बनजारा लोकनृत्य, लोकसंगीत स्वरूप, बनजारा लोकगीतों मे संगीत, लोकसंगीत में वाद्यों का बडप्पन ।
उत्तर महाराष्ट्र की बोलियों का विभिन्न आँचलिक परिचय : शोधकार्य, भारतीय आर्य भाषाओं में बोली का स्थान, राष्ट्रभाषा हिन्दी, अपनी उपभाषाएँ तथा बोलियों के रुप में सर्वप्रथम, खानदेश : पूर्वेतिहास, खान्देश का भूगोल, धार्मिक, भौगोलिक परिवेश, शैक्षिक आदि।
खान्देश में अहिराणी का संक्षिप्त परिचय : अहिराणी : खानदेशी भाषा, भाषिक या भाषा वैज्ञानिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक।
खान्देशी लोकसाहित्य में लेवा पाटीदारी बोली का योगदान : लेवा पाटीदारी, कहावतें, कुलदेवता, लेवा बोली की विशेषताएँ, वही वाड्:मय – सूचना नामक, भाषाशैली।