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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
प्रकरण 1……………………………………………………..5
बाजार व विपणनाची ओळख
(Introduction to Market and Marketing)
1.1 बाजाराचा अर्थ व व्याख्या
1.2 बाजाराचे प्रकार
1.3 विपणन संकल्पना
1.4 आधुनिक व पारंपारिक विपणन यातील फरक,
1.5 विपणनाचे महत्व
1.6 विपणनाचे कार्ये,
1.7 विक्री vs विपणन
प्रकरण 2……………………………………………………19
विक्रयकला
(Salesmanship)
2.1 प्रस्तावना-विक्रयकलेचा अर्थ व व्याख्या
2.2 विक्रयकलेची व्याप्ती व वैशिष्टे
2.3 विक्रयकलेची तत्वे
2.4 विक्रयकला-एक शास्त्र एक कला
2.5 विक्रेत्याचे गुण
2.6 विक्रयकला-एक पेशा