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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
मूल्यनिर्धारण आणि मूल्यमापन संबंधी दृष्टिकोन : 1.1 मूल्यनिर्धारण, मापन, मूल्यांकन आणि मूल्यमापनाचा अर्थ, त्यांचा आंतरसंबंध, 1.2 मूल्यनिर्धारण आणि मूल्यमापनाची तत्त्वे, 1.3 वर्तनवादी, बोधात्मक आणि रचनावादी दृष्टिकोन, 1.4 मूल्यनिर्धारण आणि मूल्यमापनाचे हेतू, 1.5 मूल्यनिर्धारणाचे वर्गीकरण, 1.6 शालेय शिक्षणात सर्वंकष सातत्यपूर्ण मूल्यमापनाची गरज, 1.7 शाळाधिष्ठित मूल्यनिर्धारण, सर्वंकष सातत्यपूर्ण मूल्यमापन
अध्ययनाचे मूल्यनिर्धारण : 2.1 अध्ययनाच्या परिमिती – बोधात्मक, भावात्मक, कार्यमान, 2.2 बोधात्मक अध्ययनाचे मूल्यनिर्धारण, 2.3 भावात्मक अध्ययनाचे मूल्यनिर्धारण, 2.4 कार्यमानाचे मूल्यनिर्धारण, 2.5 श्रेणी – संकल्पना, प्रकार आणि उपयोग, श्रेणीसाठी दर्शके – सी.बी.एस.ई. आणि राज्य स्तरावरील दर्शके, 2.6 अधिबोधन आणि विकास – सातत्यपूर्ण, आकारिक आणि नैदानिक मूल्यनिर्धारण, 2.7 कार्यमान कृतींसाठी विषयानुसार नेमून दिलेले काम, 2.8 गट प्रक्रियेचे मूल्यनिर्धारण, सहकार्यात्मक अध्ययन/सहयोगात्मक अध्ययन, सामाजिक कौशल्ये, 2.9 स्वयं मूल्यनिर्धारण, सहाध्यायी मूल्यनिर्धारण, शिक्षक मूल्यनिर्धारण
मूल्यनिर्धारणाचे नियोजन, रचना,अंमलबजावणी आणि अहवाल : 3.1 अनुदेशनात्मक अध्ययन आणि मूल्यनिर्धारण उद्दिष्टांमधील फरक, एकात्म उद्दिष्टांची गरज, 3.2 मूल्यनिर्धारणाचे स्वरुप आणि मार्ग- तोंडी परीक्षा, लेखी परीक्षा, पुस्तकासह चाचणी, आशयासाठी भारांक, उद्दिष्टे, निश्चिती, संविधान तक्ता, 3.3 चाचणीची रचना आणि अंमलबजावणीसाठी मार्गदर्शक सूचना, 3.4 विद्यार्थ्यांच्या कार्यमानाचे विश्लेषण आणि अर्थनिर्वचन – 3.5 चाचणीतील संपादनावर प्रक्रिया – शेकडेवारी, केंद्रीय प्रवृत्तीची परिमाणे, आलेखात्मक सादरीकरण, प्रसामान्य संभव वक्र, विचलनशीलतेची संकल्पना आणि परिमाणे – विस्तार, चतुर्थक विचलन आणि प्रमाण विचलन, शततमक व शततमक क्रम, सहसंबंधाचे प्रकार, सहसंबंध गुणक, 3.6 अध्ययन सुधारण्यात प्रत्याभरणाची भूमिका, 3.7 शिक्षकाच्या स्वयं सुधारणेसाठी प्रत्याभरणाचा उपयोग
मूल्यनिर्धारण आणि मूल्यमापनातील समस्या, संबंध आणि प्रवाह संबंध आणि प्रवाह : 4.1 घटक चाचणी, अर्ध वार्षिक आणि वार्षिक परीक्षा, सत्र प्रणाली, शालांत मंडळाच्या परीक्षा, प्रवेश चाचण्या, 4.2. प्रश्नपेढीचे उपयोग, 4.3 प्रश्न आणि समस्या-गुणदान विरुद्ध श्रेणी, वस्तुनिष्ठ विरुद्ध व्यक्तिनिष्ठ, परीक्षा बंद धोरण, 4.4 परीक्षा आणि मूल्यमापनासंबंधी धोरणात्मक दृष्टिकोन (राष्ट्रीय अभ्यासक्रम आराखडा 2005), 4.5 मूल्यनिर्धारण आणि मूल्यमापनातील विचार प्रवाह-ऑनलाईन परीक्षा, संगणकाधारित परीक्षा.