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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
भारतातील व्यापारी बँका :
1.1 प्रस्तावना, 1.2 व्यापारी बँकांचे प्रकार, 1.3 व्यापारी बँका व वित्तसंस्थांमधील फरक, 1.4 बँक विकासाचे टप्पे 1951 ते 1990 आणि 1991 नंतर, 1.5 विभागीय/क्षेत्रीय ग्रामीण बँका : उद्दिष्ट्ये आणि कार्ये
भारतातील सहकारी बँका : 2.1 प्रस्तावना, 2.2 भारतातील सहकारी बँकांची रचना, 2.3 नागरी सहकारी बँका, 2.4 ग्रामीण सहकारी बँका, 2.5 सहकारी बँकांच्या समस्या, 2.6 सहकारी बँकांच्या समस्यांवरील उपाययोजना
अनुत्पादक मालमत्तेची समस्या : 3.1 प्रस्तावना, 3.2 अनुत्पादक/निष्क्रीय मालमत्तेचा अर्थ, 3.3 निष्क्रिय मालमत्तेची ओळख-वर्गीकरण, 3.4 निष्क्रिय मालमत्तेची पुर्व लक्षणे, 3.5 निष्क्रिय मालमत्तेचा प्रभाव व परिणाम
वित्तीय समावेशन : 4.1 प्रस्तावना, 4.2 वित्तीय समावेशनाचा अर्थ व व्याख्या, 4.3 वित्तीय समायोजनाचे पुरावे आणि उद्दिष्ट्ये, 4.4 वित्तीय समावेशनाचे फायदे/लाभ, 4.5 वित्तीय समावेशनाची प्रक्रिया, 4.6 वित्तीय समावेशनासाठी घेतलेला पुढाकार/केलेल्या उपाययोजना
सुक्ष्म वित्त : 5.1 प्रस्तावना, 5.2 सूक्ष्म वित्ताचा अर्थ आणि व्याख्या, 5.3 स्वयंसेवी संस्था आणि गैरसरकारी संस्था, 5.4 स्वयंसहायता गटाचा अर्थ, 5.5 सुक्ष्म वित्ताची वितरण व्यवस्था/वाटप, 5.6 सुक्ष्मवित्ताच्या सकारात्मक आणि नकारात्मक बाजू
भारतीय रिझर्व बँक : 6.1 प्रस्तावना, 6.2 रिझर्व बँक ऑफ इंडियाची स्थापना, 6.3 रिझर्व बँकेच्या स्थापनेचे हेतू/उद्दिष्ट्ये, 6.4 रिझर्व बँकेचे प्रशासन, 6.5 रिझर्व बँकेची कार्ये
वित्तीय प्रणालीचे स्वरूप आणि भूमिका : 7.1 प्रस्तावना, 7.2 वित्तीय प्रणालीची कार्ये, 7.3 वित्तीय प्रणालीची रचना/वित्तीय व्यवस्थेची संरचना, 7.4 वित्तीय व्यवस्था/प्रणाली आणि बचत व गुंतवणुकीतील परस्पर संबंध, 7.5 1947 पासून आजपर्यंतचे वित्तीय विकासाचे टप्पे
भारतीय वित्तीय प्रणालीचे विहंगावलोकन : 8.1 प्रस्तावना, 8.2 1947 ते 1990 या काळातील संस्थात्मक विकास, 8.3 1991 नंतरचे संस्थात्मक बदल, 8.4 वित्तीय बाजाराचे प्रकार, 8.5 वित्तीय साधने/ संसाधने, 8.6 वित्तीय सेवा
भारतातील वित्तीय क्षेत्रातील सुधारणा भाग-1 : 9.1 प्रस्तावना, 9.2 वित्तीय सुधारणा, 9.3 वित्तीय सुधारणांचे हेतू/उद्दिष्टे, 9.4 वित्तीय सुधारणांचे मार्ग, 9.5 धोरणात्मक सुधारणा
भारतातील वित्तीय क्षेत्रातील सुधारणा भाग-2 : 10.1 प्रस्तावना, 10.2 रोखे बाजार आणि नवीन रोख्यांच्या बाजारातील सुधारणा, 10.3 सरकारी रोखे बाजारातील सुधारणा, 10.4 बँकींग क्षेत्रातील सुधारणा, 10.5 वित्तीय क्षेत्रातील सुधारणांचे परिणाम
नियामक संस्था भाग 1 : 11.1 प्रस्तावना, 11.2 रिझर्व बँक ऑफ इंडिया, 11.3 नाबार्ड, 11.4 सेबी, 11.5 राष्ट्रीय गृहनिर्माण बँक, 11.6 चलनविषयक धोरणाची अर्थ, 11.7 चलनविषयक धोरणाची उद्दिष्ट्ये, 11.8 चलनविषयक धोरण नियंत्रणाची तंत्रे नियंत्रणाची संख्यात्मक व गुणात्मक साधने
नियामक संस्था भाग 2 : 12.1 प्रस्तावना, 12.2 नाबार्ड, 12.3 ‘सेबी’, 12.4 राष्ट्रीय गृहनिर्माण बँक