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Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
गुरू द्रोणाचार्य सिरीज
कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ, जळगाव
नवीन सेमिस्टर पॅटर्न अभ्यासक्रमानुसार नोटस् (CBCS Pattern)
S.Y.B.A. | Sem. 4 | SEC : (MAR-244)
1. सर्जनशील लेखन: स्वरूप आणि प्रक्रिया
1.1 सर्जनशील लेखन व व्यावहारिक लेखन यातील फरक
1.2 कथालेखन: निर्मितीप्रक्रिया (कथाबीज, कथानक-घटना व प्रसंगांची गुंफण, व्यक्तिचित्रण, वातावरणनिर्मिती, निवेदन, संवाद आदी घटकांबाबत माहिती)
1.3 नाट्यलेखन: निर्मितीप्रक्रिया (विषयसूत्र, कथानक-प्रसंगांची गुंफण, पात्रनिर्मिती व चित्रण, स्थलकालाचे भान, नाट्य-संघर्ष, संवाद, प्रयोगक्षमता आदी घटकांबाबत माहिती)
1.4 सर्जनशील लेखन करताना येणाऱ्या समस्या व त्यांचे निराकरण
2. सर्जनशील लेखन: उपयोजन
2.1 एखादी घटना/प्रसंग/अनुभव/भावना यांना केंद्रस्थानी ठेवून कथालेखन करा.
2.2 एखादा अनुभव स्वत:च्या शब्दांत कथन करा.
2.3 वर्गातील पाच विद्यार्थ्यांचा एक गट असे गट तयार करा आणि प्रत्येक गटासाठी एक विषयसूत्र निश्चित करून त्यावर आधारित संवादात्मक लेखन गटानुसार करा.
2.4 एखाद्या समकालीन विषयावर पथनाट्यात्मक/विडंबनात्मक/एकांकिका स्वरूपाचे लेखन करा.