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प्रस्तुत फिचर की समीक्षा लिखने के माध्यम से मेरी पूर्व स्मृतियाँ जागृत हुअी| प्रस्तुत ग्रंथ के माध्यम से पाठकों की न केवल नया फिचर, बल्कि देश प्रेम तथा देशभक्ति नया जागरण पाठकों को पढने के लिए मिलेगा| मैंने ‘रुपक' का सुक्ष्म अध्ययन कर, पाठकों की सुविधा तथा उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ के पाठ्यक्रमानुकूल एक एक अध्ययन प्रस्तुत करने का प्रयास किया है| सुधी पाठकों को मुझे अधिक कहने की जरूरत नही है| मुझे विश्वास है कि पाठक तथा प्राध्यापक इसे हर्ष और उल्हास के साथ स्वीकृत करेंगे| मैं सभी पाठकों को शुभकामनाएँ देते हुए, उन्हें भी भविष्य में ऐसी कृति का बार-बार पढने का मोह हो, ऐसी भावना अभिव्यक्त करता हूँ|