Your cart is empty now.
Welcome to Prashant Publications
| INTERNATIONAL | XS | S | M | L | XL | XXL | XXXL |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| EUROPE | 32 | 34 | 36 | 38 | 40 | 42 | 44 |
| US | 0 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 |
| CHEST FIT (INCHES) | 28" | 30" | 32" | 34" | 36" | 38" | 40" |
| CHEST FIT (CM) | 716 | 76 | 81 | 86 | 91.5 | 96.5 | 101.1 |
| WAIST FIR (INCHES) | 21" | 23" | 25" | 27" | 29" | 31" | 33" |
| WAIST FIR (CM) | 53.5 | 58.5 | 63.5 | 68.5 | 74 | 79 | 84 |
| HIPS FIR (INCHES) | 33" | 34" | 36" | 38" | 40" | 42" | 44" |
| HIPS FIR (CM) | 81.5 | 86.5 | 91.5 | 96.5 | 101 | 106.5 | 111.5 |
| SKORT LENGTHS (SM) | 36.5 | 38 | 39.5 | 41 | 42.5 | 44 | 45.5 |
विभाग 1
अंतरीचे व संत एकनाथ : जीवन चरित्र
प्रास्ताविक : – प्रा.डॉ.सौ. आशालता अशोक महाजन, भुसावळ
अभिप्राय : – प्रा.डॉ. पृथ्वीराज तौर, नांदेड
प्रकाशकाचे हृदयगत : – ह.भ.प. लक्ष्मण महाराज, चिखलीकर
मनोगत : – डॉ. जगदीश पाटील, भुसावळ
संत एकनाथ : जीवन चरित्र
तत्कालीन परिस्थिती, 2. जीवन चरित्र, 3. अभंग विषय, 4. अभंग प्रेरणा, 5. भक्ती : निर्मिती व स्वरूप, 6. नवविधाभक्ती, 7. संत एकनाथ : नवविधाभक्ती, 8. समारोप
विभाग 2
संत एकनाथांची नवविधाभक्ती
श्रवणभक्ती : 1. श्रवणभक्ती, 2. देवाची श्रवणभक्ती, 3. ग्रंथाची श्रवणभक्ती, 4. श्रवणभक्ती महात्म्य, 5. समारोप
कीर्तनभक्ती : 1. कीर्तनभक्ती, 2. श्रीविठ्ठलाची कीर्तनभक्ती, 3. श्रीगुरूंची कीर्तनभक्ती, 4. श्रीरामाची कीर्तनभक्ती, 5. श्रीशिवाची कीर्तनभक्ती, 6. श्रीकृष्ण-श्रीविष्णूची कीर्तनभक्ती, 7. कीर्तनभक्ती महात्म्य, 8. समारोप
नामस्मरणभक्ती : 1. नामस्मरणभक्ती, 2. श्रीकृष्णाची नामस्मरणभक्ती, 3. श्रीविठ्ठलाची नामस्मरणभक्ती, 4. श्रीशिवाची नामस्मरणभक्ती, 5. श्रीरामाची नामस्मरणभक्ती, 6. श्रीगुरूंची नामस्मरणभक्ती, 7. श्रीदत्ताची नामस्मरणभक्ती, 8. नामस्मरणभक्ती महात्म्य, 9. समारोप
पादसेवनभक्ती : 1. पादसेवनभक्ती, 2. श्रीविठ्ठल, श्रीराम व श्रीशिवाची पादसेवनभक्ती, 3. संतांची पादसेवनभक्ती, 4. श्रीदत्ताची पादसेवनभक्ती, 5. श्रीगुरूंची पादसेवनभक्ती, 6. आत्मनिवेदनात्मक पादसेवनभक्ती, 7. पादसेवनभक्ती महात्म्य, 8. समारोप
अर्चनभक्ती : 1. अर्चनभक्ती, 2. श्रीविठ्ठलाची अर्चनभक्ती, 3. श्रीरामाची अर्चनभक्ती, 4. श्रीदत्ताची अर्चनभक्ती, 5. श्रीगुरूंची अर्चनभक्ती, 6. संतांची अर्चनभक्ती, 7. ब्राह्मणाची अर्चनभक्ती, 8. आत्मनिवेदनात्मक अर्चनभक्ती, 9. उपदेशात्मक अर्चनभक्ती, 10. अर्चनभक्ती महात्म्य , 11. समारोप
वंदनभक्ती : 1. वंदनभक्ती, 2. श्रीविठ्ठलाची वंदनभक्ती, 3. श्रीरामाची व श्रीहरीची वंदनभक्ती, 4. संतांची वंदनभक्ती, 5. वंदनभक्ती महात्म्य, 6. समारोप
दास्यभक्ती : 1. दास्यभक्ती, 2. नामाची दास्यभक्ती, 3. श्रीविठ्ठलाची दास्यभक्ती, 4. संतांची दास्यभक्ती, 5. श्रीगुरूंची दास्यभक्ती, 6. दास्यभक्ती महात्म्य, 7. समारोप
सख्यभक्ती : 1. सख्यभक्ती, 2. श्रीविठ्ठलाची सख्यभक्ती, 3. श्रीकृष्णाची सख्यभक्ती, 4. श्रीगुरूंची सख्यभक्ती, 5. सख्यभक्ती महात्म्य, 6. समारोप
आत्मनिवेदनभक्ती : 1. आत्मनिवेदनभक्ती, 2. श्रीविठ्ठलाची आत्मनिवेदनभक्ती, 3. संतांची आत्मनिवेदनभक्ती, 4. श्रीगुरूंची आत्मनिवेदनभक्ती, 5. समारोप
भारूडे व गौळणी : भक्ती विचार : 1. भारूड : पार्श्वभूमी, अर्थ व व्युत्पत्ती, 2. भारूड : उद्बोधन, वाच्यार्थ व लक्षार्थ, 3. भारूड : तत्त्वज्ञान व वैशिष्ट्ये, 4. भारूडे : भक्ती विचार, 5. गौळणी : भक्ती विचार, 6. संत एकनाथ : भक्ती विचार, 7. मधुराभक्ती : संकल्पना व स्वरूप, 8. संत एकनाथ : मधुराभक्ती, 9. समारोप
विभाग 3
संत एकनाथांचे तत्त्वज्ञान
संत एकनाथ : पारमार्थिक तत्त्वज्ञान
संत एकनाथ : सांप्रदायिक तत्त्वज्ञान
संत एकनाथ : प्रवृत्ती व निवृत्ती
समारोप