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हिंदी साहित्य भारतीय संस्कृति, समाज और जनजीवन का सशक्त दर्पण है| इसकी समृद्ध परंपरा में आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक मानव जीवन के विविध पक्षों, सामाजिक परिवर्तनों, धार्मिक आंदोलनों, सांस्कृतिक मूल्यों तथा साहित्यिक प्रवृत्तियों का व्यापक चित्रण मिलता है| प्रस्तुत पुस्तक “हिंदी साहित्य का इतिहास” विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा हिंदी साहित्य के अध्येताओं के लिए एक उपयोगी एवं मार्गदर्शक ग्रंथ के प्राक्कथन
हिंदी साहित्य भारतीय संस्कृति, समाज और जनजीवन का सशक्त दर्पण है| इसकी समृद्ध परंपरा में आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक मानव जीवन के विविध पक्षों, सामाजिक परिवर्तनों, धार्मिक आंदोलनों, सांस्कृतिक मूल्यों तथा साहित्यिक प्रवृत्तियों का व्यापक चित्रण मिलता है| प्रस्तुत पुस्तक “हिंदी साहित्य का इतिहास” विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा हिंदी साहित्य के अध्येताओं के लिए एक उपयोगी एवं मार्गदर्शक ग्रंथ के रूप में तैयार की गई है|
इस पुस्तक में हिंदी साहित्य के विकासक्रम को कालानुक्रमिक रूप से प्रस्तुत किया गया है| आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल तथा आधुनिक काल की प्रमुख साहित्यिक धाराओं, कवियों, लेखकों, ग्रंथों एवं साहित्यिक विशेषताओं का सरल, सुबोध तथा व्यवस्थित विवेचन किया गया है| साथ ही हिंदी गद्य एवं पद्य साहित्य के विकास, भाषा-परिवर्तन, साहित्यिक आंदोलनों तथा विभिन्न युगों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को भी समाहित किया गया है|
पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें विषयवस्तु को विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं, विश्वविद्यालयीन अध्ययन तथा स्वाध्याय करने वाले पाठकों को विशेष लाभ प्राप्त होगा| प्रत्येक प्रकरण में आवश्यक तथ्यों, साहित्यिक अवधारणाओं तथा प्रमुख साहित्यकारों के योगदान को सम्यक्रूप से समाहित करने का प्रयास किया गया है| यह पुस्तक हिंदी साहित्य के इतिहास को समझने, उसकी विभिन्न धाराओं का अध्ययन करने तथा साहित्यिक दृष्टि के विकास में सहायक सिद्ध होगी|
हिन्दी साहित्य का इतिहास | 11